अच्छी सबसिडी होने के बाबजूद भी छतों पर नहीं लग पाए पावर प्लांट

हर घर की छत पर सोलर लगाने की मुहिम के जरिए पैसे कमाने पर सरकारी विभाग भारी
-हिम उर्जा और बिजली बोर्ड की आपसी खींचतान ने फलाप की कमाउ स्कीम
संवावदाता
मंडी, 29 नवबंर।हिमाचल प्रदेश सोलर के जरिए बिजली उत्पादन करने में सबसे सक्षम राज्य है । मगर इस राज्य में सोलर से बिजली बनाने की तकनीक के बारे में कम ही लोग जागरूक है । जबकि सरकार ने पिछले साल घर की छत पर सोलर लगाएं और पैसे कमाए की स्कीम आई थी । इस स्कीम के जरिए अगर सोलर पावर प्लांट लगाया जाए तो महज 18 हजार में एक किलो वाट के प्लांट से महीने में अपनी बिजली की जरूरतों को पूरा करेंगे । जबकि इस बिजली को ग्रिड के जरिए बेचा जा सकता है । इस स्कीम से जहां घर की बिजली की जरूरते पूरी होगी वहीं एक्स्ट्रा बिजली को बेचकर पैसे कमाए जा सकते है । इतनी कमाउ स्कीम होने के बाबजूद लोगों में ये स्कीम सरकारी उदासीनता की वजह से लोक प्रिय नहीं हो पाई । हिम उर्जा और बिजली बोर्ड की आपसी खीचतान के जरिए ये स्कीम लोगों तक नहीं पहुंच पाई ।
मिली है 70 प्रतिशत सबसिडी
इस स्कीम के तहत अगर कोई भी अपने घर की छत पर पावर प्लांट लगाता है तो उसे कुल लागत का 70 प्रतिशत सबसिडी मिलती है । आमतौर पर महज 18 हजार में ही पावर प्लांट लगता है । मगर सबसिडी केवल उसी को दी जाती है जो पावर ग्रिड से इसे जोड़ता है । इस एक किलोवाट के प्लांट में घर की बिजली की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है । इस पावर प्लांट से दिन भर बिजली पावर ग्रिड में जाती है । इसके लिए टू वे मीटर लगता है । पावर ग्रिड से यही बिजली रात को उपभोक्ता को मिलती है । अगर बिजली का उपभोग कम होता है और उत्पादन ज्यादा होता है तो घर बैठे पैसे भी कमाए जा सकते है । जबकि यह स्कीम इसी उद्धेश्य के लिए बनाई गई है ।
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ऐसे लगवा सकते है ये प्लांट
इस स्कीम मेंं सबसे पहले इलाके के बिजली बोर्ड से कंनसेंट ली जाती है । उसके बाद हिम उर्जा विभाग में आवेदन किया जाता है । हिम उर्जा ही सारा साजो सामान उपलब्ध करवाएगा । इस पावर प्लांट के जरिए ढाई से पांच रूपए युनिट के हिसाब से पैसे भी कमाए जा सकते है । अगर एक उपभोक्ता महीने में पांच सौ से हजार युनिट भी बेचता है तो भी महीने में पांच हजार के करीब पैसे कमाता है । जबकि महीना भर उसे बिजली मुफत मिलेगी ।
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दो विभागों में उलझी ये स्कीम
हिम उर्जा और बिजली विभाग की आपसी खींचतान की वजह से ये स्कीम लोक प्रिय नहीं हो पाई है। क्योंकि सिंगल विंडो सिस्टम न होने की वजह और सरकारी औपचारिकताएं ज्यादा होने की वजह से लोगों तक ये स्कीम नहीं पहुंच पाई। जबकि मंडी जिला में अभी तक एक घर की छत के उपर भी ये पावर प्लांट नहीं लग पाए है ।
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क्या कहते है अधिकारी
इस बारे में हिम उर्जा के एपीआरओ पन्ना लाल ने बताया कि इस स्कीम में बिजली के साथ साथ पैसे भी कमाए जा सकते है । उन्होंने कहा कि ग्रिड के साथ कनेक्ट करने पर इसमें 70 प्रतिशत सबसिडी भी मिलती है । जबकि इसके लगने से मुफत बिजली भी मिलती है । उन्होंने कहा कि इसमें नेट मीट्रींग के लिए टू वे मीटर लगता है जो कि यह बताता है कितनी बिजली का उत्पादन हुआ और कितना उपभोग हुआ है । अगर उत्पादन से कम उपभोग होता है तो बची हुई युनिटों से भी पैसे कमा सकते है । उन्होंने माना कि बिजली बोर्ड अगर इस प्रोजेक्ट बिजली विभाग अपना अहम रोल निभाए तो यह स्कीम फायदे का सौदा बन सकता है ।
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