किडनी कांड में डॉक्टर दंपत्ति गिरफ्तार

देहरादून। गंगोत्री चैरिटेबिल हॉस्पिटल लाल तप्पड़ डोईवाला के बहुचर्चित किडनी कांड मामले में संलिप्त डॉक्टर संजय दास और डॉक्टर सुषमा दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस में नामजद मुकदमा दर्ज था। देहरादून एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्त संजय दास और उसकी पत्नी सुषमा कुमारी को पुलिस ने गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। यह दोनों आरोपी दंपति अस्पताल में पहुंचे मरीजों को बेहोश करने का काम करते थे। मामले के खुलासे के बाद से पुलिस इन की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। गिरफ्तार आरोपी संजय दास ने बताया कि उसे प्रत्येक मरीज को बेहोश करने पर दस हज़ार रुपये मिलते थे। बता दें कि गंगोत्री चैरिटेबिल हॉस्पिटल लाल तप्पड़ डोईवाला के बहुचर्चित किडनी कांड मामले में का खुलासा पुलिस ने 11 सितंबर को किया था। मामले में पहले ही पुलिस किडनी रैकेट के मास्टरमाइंड डॉक्टर अमित राउत समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जिसके बाद आज पुलिस के हत्थे 2 और आरोपी चढ़ चुके हैं। बताया जा रहा है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी अस्पताल में मरीजों को बेहोश करने के लिए एनेस्थीसिया देने का काम करते थे। 11 सितंबर को कोतवाली रानीपुर पुलिस ने लाल तप्पड़ के गंगोत्री चैरिटेबल हॉस्पिटल में चल रहे किडनी रैकेट का भंडाफोड़ा था। ये किडनी रैकेट लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी किडनी निकाल लेता थे और फिर साढ़े 3 से 4 लाख में ये किडनियां बेची जाती थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कोलकाता के रहने वाली एक महिला और एक पुरूष को पकड़ा था, जिन दोनों की किडनी निकाली गई थी। मामले में अस्पताल के डॉयरेक्टर राजीव चौधरी के नाम के साथ ही ओमान के चार नागरिकों के नाम भी शामिल हैं। वहीं, केस के मुख्य आरोपी डॉक्टर अमित राउत का नाम साल 2013 में गुरुग्राम में 600 से अधिक लोगों की किडनी चुराने के कांड में भी आ चुका है। इस अस्पताल में काफी समय से गरीबों और मजबूर लोगों की किडनी निकालकर विदेशी मरीजों को लाखों में बेचने का खेल चल रहा था। वहीं नाम सामने आने के बाद सातों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया था।