बंजार में वनभूमि से बेदखली प्रक्रिया पर वन अधिकार समिति तलख

-कहा: उपमंडल में वनभूमि से बेदखली की प्रक्रिया पर लगाई जाए रोक
-वन अधिकार समिति ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू, 02 दिसंबर। जिला कुल्लू के बंजार उपमंडल में वन भूमि से गरीब लोगों को बेदखल करने की प्रक्रिया पर वन अधिकार समिति तलख हो गई है। वन अधिकार समिति ने अपने तेवर तीखे करते हुए बंजार के एसडीएम से मांग की है कि जब तक वन अधिकार कानून 2006 को लागू करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक लोगों को वन भूमि से बेदखल करने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। इस संदर्भ में शनिवार को वन अध्किार समिति कलवारी के अध्यक्ष राजेंद्र चौहान की अध्यक्षता में बंजार के एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। जिसमें मांग की गई है कि चूंकि बंजार उपमंडल की कलवारी, सरची व नोहांडा सहित अनेक पंचायतों में अपनी वन भुमि पर लोगों द्वारा रिहायशी मकान व अपनी जरूरत के लिए वन भुमि पर खेतीबाड़ी की जा रही है लेकिन काफी समय से उनको वन भुमि से बेदखल करने की प्रक्रिया चली हुई है। जबकि बंजार उपमंडल में वन अधिकार कानून 2006 के तहत कई अन्य परंपरागत वन निवासियों ने वन अधिकार समितियों, ग्राम सभा, उपमंडलीय वन अधिकार समिति के पास अपने वन अधिकार के दावे प्रेषित कर रखे हैं। जिन पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है। ऐसे में वन अधिकार कानून की धारा 4, 5 के तहत किसी भी व्यक्ति को वन भुमि से बेदखल करना वन अधिकार कानून 2006 की सरासर उल्लंघना है। वन अधिकार समिति द्वारा एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में उनसे आग्रह किया गया है कि जब तक बंजार उपमंडल में वन अधिकार कानून को लागू करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती है तब तक किसी भी पात्र व्यक्ति को वन भूमि से बेदखल न किया जाये। समिति ने यह भी आग्रह किया है कि वन भूमि से बेदखली की प्रक्रिया तो तुरंत रोका जाए और वन अधिकार कानून के तहत लोगों द्वारा पेश किए दावों को वन अधिकार कानून के तहत मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि लोगों को वन अधिकार कानून के तहत मिलने वाले अधिकार मिल सकें। इस मौके पर सरची पंचायत के पूर्व प्रधान हरी सिंह, किशन चंद पूर्व प्रधान कलवारी पंचायत, मंडी जिला परिषद के सदस्य व मंडी जिला स्तरीय वन अधिकार समिति के सदस्य संतराम, गोहर उपमंडल वन अधिकार समिति के सचिव निर्मल सिंह, पूव्र प्रधान रंजीत कुमार देवेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान हरी सिंह के अलावा पीडि़त परिवार के सदस्य दिलेराम, कृष्ण कुमार, भगत राम, इंद्र सिंह, बालक राम व दौलत राम सहित अनेक लोग मौजूद थे।