एनएच घोटाले में चार और गिरफ्तारियां

हल्द्वानी। एनएच 74 फोरलेन प्रोजेक्ट में हुए मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने निलंबित पीसीएस अधिकारी भगत सिंह फोनिया समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया। इससे पूर्व सभी आरोपियों का मेडिकल कराया गया। एनएच घोटाले में एक साथ की गई यह अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाही है। माना जा रहा है कि जल्द ही अन्य आरोपियों की भी पुलिस गिरफ्तारी कर सकती है।एनएच 74 फोरलेन प्रोजेक्ट में हुए मुआवजा घोटाले के बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ऊधमसिंह नगर की ओर से सिडकुल चौकी में मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद मामले की जांच को एसआईटी गठित की गई थी। पुलिस के मुताबिक, एसआईटी ने अब तक की विवेचना में इस मामले को लेकर तहसील जसपुर और काशीपुर में राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों कृषकों और मध्यस्थों को उपलब्ध मौखिक, अभिलेखीय, गवाहों के धारा 161 और 164 के तहत दिए बयानों, फॉरेसिंक जांच(एफएसएल रिपोर्ट), बैंक अकाउंट से पैसों के लेनदेन औश्र परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार रविवार रात को आठ गिरफ्तार कर लिया। इसमें भगत सिंह फोनिया निवासी देहरादून निलंबित पीसीएस अधिकारी, अनिल कुमार निवासी जसपुर,निलंबित संग्रह अमीन जसपुर,मदन मोहन पडलिया निवासी हल्द्वानी, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार काशीपुर, भोले लाल निवासी किच्छा, रिटायर्ड प्रभारी तहसीलदार जसपुर, रामसमुझ निवासी रुद्रपुर अनुसेवक तहसील जसपुर, जिशान निवासी काशीपुर हाल स्टाम्प वैंडर काशीपुर, ओमप्रकाश निवासी गढ़ी हुसैन जसपुर, किसान और चरण सिंह निवासी जसपुर, किसान शामिल हैं। सभी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है।