फोरलेन प्रभवितों-विस्थापितों का आंदोलन हुआ और तेज़

-नागचला से मनाली तक हज़ारों फोरलेन प्रभावित-विस्थापित सड़कों पर
-प्रभावितों-विस्थापितों का आरोप जबरदस्ती उजाड़ा जा रहा है औट बाजार
-10 दिसंबर को फोरलेन संघर्ष समिति
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू,07 दिसंबर। नागचला मनाली फोरलेन विस्थापितों व् प्रभावितों की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं।इन्हीं समस्याओं को लेकर गुरुवार को फोरलेन प्रभवितों-विस्थापितों की बैठक विश्रामगृह वन विभाग औट में दस दिसम्बर को सुबह ग्यारह बजे फोरलेन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सेवानिवृत ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। यह जानकारी फोरलेन संघर्ष समिति के महासचिव बृजेश महंत ने दी। बैठक में फोरलेन प्रभवितों-विस्थापिटन को पेश आ रही विभिन्न समस्याओं व मांगों को लेकर चर्चा की जाएगी।गौरबतलब है कि नेरचौक मनाली फोरलेन का कार्य प्रगति पर है तथा एन एच 21 पंडोह बाई पास टकोली फोरलेन का कार्य भी शुरू हो चुका है परन्तु अभी तक प्रदेश सरकार, जिला प्रशाशन तथा एन एच ए आई द्वारा फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों के पुनर्वासन तथा पुनर्स्थापन का कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है। नेरचौक से मनाली तक हज़ारों लोग फोरलेन की चपेट में आ गए हैं जिसमें भूमि मालिक किसान, मजदूर, दुकानदार, छोटे छोटे लघु उद्योगी शामिल हैं । सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है ऐसे में प्रशाशन तथा एन एच ए आई मिलकर जबरन लोगों के घरों को तोड़ रहे है तथा दुकानदारों की दुकाने तोड़ कर उनको आजीविका से महरूम किया जा रहा है। सैंकड़ो लोग भूमिहीन हो रहे हैं, दुकानदारों की रोजी रोटी जबरन छीनी जा रही है। विस्थापितों व प्रभावितों को उजाड़ने के लिए प्रशाशन तथा एन एच ए आई द्वारा छल किया जा रहा है जिसका उदाहरण औट की केशव माधव मार्किट है। प्रशाशन द्वारा 1990 में स्वयं मार्किट तैयार की जाती है तथा रेहड़ी वालो को आजीविका हेतु आबंटित की जाती है परन्तु अचानक आज प्रशाशन द्वारा स्वयं ही इन्हें अवैध करार दिया जाता है तथा खाली करने के तुगलकी फरमान जारी किए जाते है।माननीय उच्च न्यायालय को भी प्रशाशन द्वारा गुमराह किया गया कि यह मार्किट अवैध है। फोरलेन विस्थापित दो वर्षों से अपने हकों के लिए सड़कों पर है परन्तु इनके दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है। लोगो मे भारी रोष पनप रहा है तथा अपने हको के लिए फोरलेन विस्थापित व प्रभावित आंदोलन की राह पर चल पड़े है। फोरलेन संघर्ष समिति के महासचिव बृजेश महंत ने बताया कि जब तक फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों का पुनर्वास व पुनर्स्थापन तथा भू-अधिग्रहण कानून 2013 में प्रदत सभी प्राबधान लागू नहीं किये जाते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने नागचला से मनाली तक के सभी फोरलेन विस्थापितों व प्रभावितों से अपने हको की लड़ाई के लिए दस दिसम्बर को औट की बैठक में शामिल होने का आग्रह किया है। संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर ने बताया कि बिना पुनर्वास व पुनर्स्थापन के हम अपनी जमीनों को खाली नहीं करेंगे।

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