भगवान विष्णु की पूजा का शुभ दिन, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
नई दिल्ली : कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी को अक्षय नवमी या आंवला नवमी के रूप में मनाया जाता है. अक्षय नवमी इस बार 17 नवंबर, शनिवार को पड़ रही है. कहा जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु वास आंवले में होता है. इस दिन लोग आंवले के पेड़ की पूजा करते हैं और उसके नीचे बैठकर खाना खाते हैं. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और शरीर निरोग बनता है.
माना जाता है कि अक्षय नवमी पर मां लक्ष्मी ने पृथ्वी लोक में भगवान विष्णु एवं शिव जी की पूजा आंवले के रूप में की थी और इसी पेड़ के नीचे बैठकर भोजन ग्रहण किया था. यह भी कहा जाता है कि आंवले के पेड़ के नीचे श्री हरि विष्णु के दामोदर स्वरूप की पूजा की जाती है. यह भी मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण ने कंस वध से पहले तीन वनों की परिक्रमा की थी. इस वजह से अक्षय नवमी पर लाखों भक्त मथुरा-वृदांवन की परिक्रमा भी करते हैं.
नवमी तिथि पर महिलाएं शुभ मुहूर्त में आंवले के पेड़ की 108 परिक्रमा करते हुए कच्चा सूत लपेट कर परिवार के सुख, समृद्धि के लिए आशीर्वाद लेती हैं. ये जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं. अक्षय नवमी की पूजा की संतान प्राप्ति एवं सुख, समृद्धि एवं कई जन्मों तक पुण्य क्षय न होने की कामना से किया जाता है.
शुभ मुहूर्त
अक्षय नवमी पूजा – 16 नवंबर से 9:40 के बाद शुरू हो जाएगा जो 17 नवंबर कसे सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानि लगभग 5 घंटे तक रहेगा.