किसी भी सूरत में निजी भूमि पर नहीं चलने देंगे सरकारी बुलडोजर….खुशाल ठाकुर

कहा: फोरलेन की जदमें आने से उजड़ेंगे कई कस्बे
-फोरलेन प्रभावितों ने उठाई पुर्नस्थापन और पुर्नवास की मांग
-औट में हुई फोरलेन प्रभावितों की बैठक
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू,10 दिसंबर। जब तक फोरलेन प्रभावितों के लिए पुर्नस्थापन और पुर्नवास को लागू नहीं किया जाता, तब तक लोगों की भूमि पर सरकारी बुलडोजर चलने नहीं दिया जाएगा। यह फैसला मनाली-नागचला फोरलेन प्रभावितों की औट में हुई बैठक में लिया गया। फोरलेन संघर्ष समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत ब्रिगेडियर खुशहाल ने कहा कि फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू हो गया है, लेकिन अभी फोरलेन विस्थापितों के लिए पुर्नस्थापन और पुर्नवास की कोई व्यवस्था नहीं की गई हैं। फोरलेन की जद में आने से कई कस्बे उजड़ रहे हैं और सैकड़ों लोगों को रोजगार छिन रहा है। लेकिन अभी तक इन कस्बों को बसाने के लिए न तो सरकार, प्रशासन और न ही एनएचआई। भू अधिग्रहण कानून 2013 में पुर्नस्थापन और पुर्न वास का प्रावधान किया गया है, लेकिन इस ओर न तो सरकार और न ही प्रशासन ध्यान दे रहा है। उन्होंने साफ किया कि जब तक पुर्नस्थापन और पुर्नवास की व्यवस्था नहीं की जाती तब तक निजी भूमि पर सरकार बुलडोजर नहीं चलने दिया जाएगा। फोरलेन संघर्ष समिति के मनाली मंडल अध्यक्ष महेंद्र ठाकुर का कहना है कि लोगों को भूमि और मकान का मुआवजा तो मिल गया है, लेकिन लोगों को एक महीने में घरों को खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, घर को बनाने के कई महीने में लग जाते हैं, लेकिन लोगों जबदस्ती घरों को खाली करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, उन्होंने मांग की लोगों घर खाली करने के लिए कुछ महीने का समय दिया जाए। अगर उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो उन्हें मजबूरन आर-पार की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।