प्रदेश हाईकोर्ट ने नशे के कारोबार पर पूर्णतय: लगाम कसने के जारी किए आदेश

-कहा:प्रदेश व केंद्र सरकार नशे के काले कारोबार पर शिकंजा कसने को लेकर बनाए पॉलिसी 
-पुलिस और एनसीबी मिलकर चलाए अभियान, डीजीपी पुलिस करे मदद 
-कुल्लू जिला के मलाणा गांव का दिया उदाहरण,जिला में अफसरशाही और पुलिस अमले को लगाई फटकार 
कमलेश वर्मा(परी),04 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एनसीबी को नशे के कारोबार पर पूर्णतय: लगाम कसने के आदेश जारी किए हैं। खंडपीठ ने अपने आदेशों में स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है कि प्रदेश और केंद्र सरकार इस काले कारोबार पर शिकंजा कसने को लेकर कोई उचित पॉलिसी बनाए। खंडपीठ ने कहा कि प्रदेश सरकार और कोई अन्य एजेंसी को अवैध कारोबार को बंद करने में असहाय होता नहीं देखा जा सकता। हिमाचल हाईकोर्ट ने प्रदेश पुलिस और मादक पदार्थ ब्यूरो (एनसीबी) को नशे पर सख्ती बरतने और नकेल कसने का फरमान जारी कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वे इस संबंध में पुलिस और एनसीबी की बनने वाली संयुक्त टीम की पूरी सहायता करें। वहीं, कोर्ट ने प्रदेश के कुल्लू जिला के मलाणा गांव का उदाहरण देते हुए कुल्लू जिला की अफसरशाही व पुलिस अमले को फटकार लगाते हुए इस बात पर नाराजगी जताई कि अफसरशाही और पुलिस बल कुछ प्रभावशाली लोगों के सामने असहाय बनकर नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के बजाय उन्हें बचाने में लगे हैं। हिमाचल हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने कुल्लू जिले के मलाणा गांव का उदाहरण दिया है जहां अफसरशाही और पुलिस अमला नशे के काले कारोबार पर लगाम कसने में असमर्थ है। इस दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की कि अफसरशाही और पुलिस अमला चंद प्रभावशाली लोगों के सामने असहाय बनकर देश के भविष्य युवा पीढी को अंधकार की और धकेल रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि हालांकि पूरे प्रदेश में मादक पदार्थों का कारोबार हो रहा है लेकिन मलाणा गांव इसका मुख्य केंद्र है। कोर्ट ने पाया कि इस गांव में विदेशी लोग बस गए हैं और अपना कारोबार कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों की मदद के बिना विदेशी लोग काले कारोबार में संलिप्त नहीं हो सकते। खंडपीठ ने एसपी कुल्लू और एनसीबी को आदेश दिए कि वह संयुक्त टीम का गठन कर इस गांव में छापेमारी करे और नियमानुसार अपराधियों के विरूद्ध कारवाई करे। कोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिए हैं कि वह इस टीम की सहायता के लिए उचित पुलिस व्यवस्था करे। गौर रहे कि विश्वभर में खासकर पश्चिमी देशों में कुल्लू जिला का मलाणा गांव अपने खास किस्म की चरस के कारण बदनाम है। पश्चिमी देशों में इसे मलाणा क्रीम के नाम से जाना जाता है। दुनियाभर में मलाणा क्रीम की कीमत सबसे ज्यादा है। हालांकि इस गांव का अनूठा प्राचीन लोकतंत्र भी इसकी दूसरी विशेषता है लेकिन इस पहचान से ज्यादा मलाणा क्रीम से नाम से मशहूर है यह गांव जिसका सबसे बड़ा कारण भारत में चरस की खेती पर पाबंदी होने के बावजूद इस दुर्गम इलाके की भौगोलिक स्थिति का फ़ायदा उठाकर इंटरनेशनल चरस माफिया चरस की खेती करवाते हैं। मलाणा में अक्सर विदेशी नागरिकों का जमावड़ा लगा रहता है। कुछ दशक पहले तक इस दुर्गम गांव के बारे में लोगों को पता नहीं था लेकिन अब पूरे विश्वभर में यह गांव मलाणा क्रीम के नाम से जाना जाता है। चरस माफिया इलाके की भौगोलिक स्थिति का खूब फायदा उठाते हैं। बहरहाल, प्रदेश हाईकोर्ट ने नशे के काले कारोबार पर पूर्णतय: नकेल कसने के आदेश दे दिए हैं और कुल्लू के मलाणा गांव का उदाहरण देते हुए नशे को समाप्त करने के लिए भी कहा है। 

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