महंगाई की मार के साथ बिजली दरों में बढोत्तरी

देहरादून। फ्यूल चार्ज के नाम पर उत्तराखंड में तीन माह के लिए बिजली की दरों में बढोत्तरी कर दी गई। यह बढोत्तरी अलग-अलग श्रेणियों में छह से 15 पैसे प्रति यूनिट की गई है। फ्यूल चार्ज के नाम पर तीन महीने के लिए बिजली की दरों में बढोत्तरी हुई है। एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी में छह से 15 पैसे प्रति यूनिट अतिरिक्त वसूले जाएंगे। औसतन 13 पैसे प्रति यूनिट की बढोत्तरी हुई है।किस श्रेणी पर कितना भारबीपीएल श्रेणी : छह पैसेघरेलू : 10 पैसेअघरेलू : 15 पैसेपब्लिक लैंप : 12 पैसेएलटी उद्योग : 14 पैसेएचटी उद्योग : 15 पैसेआपको बता दें कि 5.72 फीसद बढा था टैरिफ विद्युत टैरिफउत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) नेहालिया दिनों में बिजली दरें में 5.72 फीसदी की बढोत्तरी की थी। अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर की तिमाही में भी फ्यूल चार्ज निकला था, जिसे वसूला गया है। उत्तराखण्ड राज्य में करीब 20 लाख बिजली उपभोक्ता है। ऊर्जा निगम ने फ्यूल चार्ज का प्रस्ताव उत्तराखण्ड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) को भेज दिया है, लेकिन बढी दरें एक अक्टूबर से लागू कर दी है। यूईआरसी अध्ययन और गणना के बाद इस पर अंतिम फैसला देगा। दरअसल, राज्य की जल विद्युत परियोजनाओं से उत्पादित बिजली से राज्य की मांग पूरी नहीं होती। ऐसे में उत्तराखंड पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) केंद्रीय पूल व अन्य स्रोतों से बिजली लेता है। यह बिजली कोयले और गैस की बिजली के लिए धनराशि की स्वीकृति देता है। कई बार कोयले और गैस के दामों में उछाल के चलते बिल निर्धारित धनराशि से अधिक बनता है। यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि फ्यूल चार्ज का निर्धारण हर तिमाही में होता है। इसे उपभोक्ता से वसूलने का प्राविधान है।