लग गया है आश्विन मास, बरतें ये सावधानियां

हिन्दू पंचांग के अनुसार यह वर्ष का सातवां महीना है. इस महीने को देव और पितृ, दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इस महीने से सूर्य धीरे धीरे और भी कमजोर होने लगते हैं. शनि और तमस का प्रभाव बढ़ता जाता है. इस महीने में भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है. इस बार अश्विन का महीना 25 सितम्बर से 24 अक्टूबर तक रहेगा.

इस महीने में किन-किन देवी देवताओं की उपासना की जाती है?

– यह महीना दो भागों में बंटा है

– कृष्ण पक्ष को पितृ पक्ष कहा जाता है

– इसमें पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है

– शुक्ल पक्ष में नवरात्रि मनाई जाती है

– इसे शारदीय नवरात्रि कहा जाता है

– यह शक्ति प्राप्त करने की नवरात्रि है

– इस प्रकार इस माह में पूर्वजों का आशीर्वाद और देवी की कृपा, दोनों मिल जाती है

आश्विन मास में खान पान में किन बातों का ध्यान रखें?

– इस मास में दूध का प्रयोग वर्जित है

– जहाँ तक सम्भव हो, करेला भी न खाएं

– इस माह में शरीर को ढंक कर रखें

– धूप में घूमने से बचें

– इस माह से हलके गुनगुने पानी से स्नान कर सकते हैं

– त्वचा की और इन्फेक्शन वाली बीमारियों से बचने का प्रयास करें

आश्विन के महीने में किस तरह से पूजा उपासना करें?

– इस माह में भी सूर्य उपासना लाभकारी होगी

– इसके अलावा कृष्ण पक्ष में पितरों की उपासना करें

– उनके लिए दान करें, उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करें

– शुक्ल पक्ष में देवी की उपासना करें

– सप्तशती का पाठ कर सकें तो और भी अच्छा होगा

– इस पूरे महीने में पौधों को लगाना भी शुभ होगा

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