आपदा में ध्वस्त मदकोट आलम-दारमा मोटर मार्ग बना मुसीबत
पिथौरागढ़। आपदा के दौरान टूटे मदकोट आलम-दारमा मोटर मार्ग से आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। लोगों को जान जोखिम में डालकर लकड़ी के पुल से आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है। लंबा समय बीतने के बाद भी लोनिवि मोटर मार्ग को ठीक नहीं कर पाया है। विभाग की लचर कार्यशैली के खिलाफ लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने शीघ्र मोटर मार्ग को ठीक न करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। तुमड़ी और रोली के पास जुलाई की आपदा में मोटर मार्ग टूट गया था।
तुमड़ी के पास सडक़ पर बना पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया जिसके चलते आलम, दारमा और दूना के ग्रमीणों की आवाजाही के लिए यह मोटर मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोगों ने श्रमदान से लकड़ी का पुल तैयार कर आवाजाही तो शुरू की लेकिन इस पुल से आवाजाही करना भी मुश्किलों भरा हो रहा है। आपदा को गुजरे लंबा समय हो गया है। बावजूद इसके लोनिवि आज तक मोटर मार्ग को ठीक नहीं कर पाया है। लोनिवि की लचर कार्यशैली के खिलाफ लोगों में खासा आक्रोश है।
प्रधान खिमुली देवी का कहना है कि लोगों की परेशानी को नजरंदाज किया जा रहा है। विभाग को लोगों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। आज तक मोटर मार्ग तो दूर पैदल रास्ता तक नहीं बनाया जा सका। नारायण सिंह भण्डारी, जसवंत सिह, दीपक बिष्ट, भगवती देवी ,बसंत सिंह भण्डारी सहित कई लोगों ने मोटर मार्ग को ठीक करने की मांग की है। इनका कहना है कि लोनिवि ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।