’’ मीठी लागी बोला माहे री बास कविता से गूंजा देवसदन कुल्लू

-देवसदन कुल्लू में 25 कवियों ने अपनी कविताओं से बांधा समां
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू, 02 दिसंबर। भाषा एवं संस्कृति विभाग कुल्लू द्वारा देवसदन भवन के सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि सम्मेलन में जिला कुल्लू के लगभग 25 युवा एवं बयोवृद्व कवियों ने भाग लिया। कवि सम्मेलन का शुभारम्भ दीप प्रज्जवलित करके किया गया। लाहुल स्पिति के कवि शेर सिंह ने ‘ पेड़ डरे हुए हैं’ नामक कविता पढ़ी । 
बंजार की युवा कवयित्री कुमारी कष्णा ने ‘‘ वर्ड कप 2011’’ वयोवृद्ध कवि जयदेव विद्रोही ने स्व. विद्या चन्द ठाकुर को श्रद्वांजलि देते हुए ‘ आह! विद्याचन्द ठाकुुर’’ कविता पाठ किया। तोवदन ने ’’ प्यार के वादे’’ इन्दू भारद्वाज ने ’’ मजहब, जन्नत की वादी उदास है’’ रमेश त्रिपाठी ने ’’ अपनी सम्भावनाएं, मेरी कसम से’’ राजपाल कौशल ने ’’रिश्ते’’ सरला चम्बयाल ने ’’ मीठी लागी बोला माहे री बास’ गीत प्रस्तुत किया । युवा कवयित्री सोमलता ने ’’ सवको मिल गए कारवां, एक हम ही तन्हा रह गए – मेरे सपने ऐसे टूटे’’ दौलत भारती ने ’’ क्यों लिखूं?’’ डॉ अंजना चौहान ने ’’ गेंदा और गुलाब’’ सत्यपाल भटनागर ने ’’ मैं एक भीड़ का हिस्सा हूं’’ पुनीत पटियाल ने ’’ पुनीत विनति’’ शिवराज शर्मा ने ’’ हवाएं कहती हैं’’ केजी शर्मा ने ’’ परछाईयों के प्रश्न चिन्ह’’, टीनू भारद्वाज ने जन्नत की वादी उदास बहुत उदास शिव सिंह पाल ने ’’ गम हवा हवा’’ गीत, जय सिंह ने ’’ दिला रा दु:खड़ू’’, राज सिंह राज ने ’’ भरोसा क्या करना गैरों पर’’ तथा डा. सूरत ठाकुर ने ’’ मेरा गांव’’ गीत गाकर सभागार में उपस्थित कवि एवं श्रोतागणों को आनन्द विभोर किया। कार्यक्रम के समापन पर जिला भाषा अधिकारी प्रोमिला गुलेरिया ने कवि सम्मेलन में भाग लेने वाले कवि एवं उपस्थित श्रोतागण का धन्यवाद किया।