भारत में रह रहे मुसलमान घुसपैठिए नहीं हैं: नकवी

नई दिल्ली : रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से वापस म्यांमार भेजने वाले मोदी सरकार के फैसले पर चर्चा के बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि जो मुसलमान भारत में रह रहे हैं, वो घुसपैठिए नहीं हैं।
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नकवी ने कहा कि कोई भी देश अपने यहां अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं कर सकता। इसके आगे उन्होंने उन सवालों पर भी जवाब दिया जिसमें खासतौर पर मुसलमानों को देश से बाहर निकालने के आरोप लगते रहे हैं। नकवी ने जोर देकर कहा, हर मुसलमान घुसपैठिया नहीं है। भारतीय मुसलमान देश का सम्मान करते हैं और उसके विकास के लिए काम करते हैं। नकवी ने ये भी बताया कि गैर-कानूनी तरीके से रह रहे घुसपैठिए सबसे ज्यादा नुकसान भारतीय मुसलमानों को ही पहुंचा रहे थे और जो भी एक्शन उनके खिलाफ लिया गया है, वह कानून सम्मत है।
मुख्तार अब्बास नकवी का यह बयान सरकार के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे 7 रोहिंग्या मुसलमानों को म्यांमार वापस भेजने का फैसला किया गया है।
ये अवैध प्रवासी साल 2012 में हिरासत में लिए गए थे और उसके बाद से ही असम के सिलचर स्थित हिरासत केंद्र में रह रहे थे। इससे पहले बीजेपी के महासचिव राम माधव ने भी स्पष्ट कहा है कि हिन्दू हो या मुसलमान, सभी रोहिंग्याओं को देश से बाहर करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि हम संवैधानिक तरीके काम कर रहे हैं और किसी भी गैर संवैधानिक ढंग से देश में आए व्यक्ति को हम पनाह नहीं देंगे।

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