गैरसैंण सत्र नहीं होगा आसान

देहरादून। गैरसैंण में कड़ाके की ठंड के बीच त्रिवेंद्र सरकार का पहला सत्र गरमा-गरम रहने के आसार हैं। विपक्ष हर मुद्दे पर अक्रामक रूख रखने की तैयारी कर रहा है। वहीं इस सत्र में लोकायुक्त और ट्रांसफर एक्ट जैसे बिल भी सदन में रखे जाने है। साथ ही सरकार पर गैरसैंण को लेकर अपनी नीति स्पष्ट करने का दवाब भी बनाया जा सकता है।दरअसल गैरसैंण में 7 दिसंबर से 13 दिसंबर तक होने वाले इस सत्र में बीजेपी सरकार के मुश्किलें कम नहीं होंगी। इस सत्र में लोकायुक्त और ट्रांसफर एक्ट लाए जा सकते है, ऐसे में लोकायुक्त और ट्रांसफर एक्ट को लेकर घमासान तय माना जा रहा है। मालूम हो कि पिछले सत्र में ये दोनों एक्ट देर रात सदन में रखे गए थे। जिनको लेकर बाद में विपक्ष ने सरकार पर बिल को जल्दबाजी में रखने के आरोप लगाए थे। कांग्रेस प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी की मानें तो सरकार की कथनी और करनी में काफी अंतर है। यही वजह है कि सरकार के वादों पर यकीन कर पाना बेहद मुश्किल है। वहीं बीजेपी प्रवक्ता वीरेन्द्र बिष्ट गैरसैंण सत्र का इंतजार करने की बात कर रहे हैं। बीजेपी का दावा है कि सरकार अपने कहे मुताबिक तबादला और लोकायुक्त एक्ट लेकर आएगी।प्रदेशवासियों को इस बार सरकार से उम्मीद है कि लोकायुक्त और ट्रांसफर एक्ट पास हो जाएगा। हालांकि बीजेपी ने सरकार गठन के 100 दिन के भीतर लोकायुक्त और ट्रांसफर एक्ट को लागू करने का वादा भी जनता से किया था। जो पूरा नहीं हो पाया।
इसके साथ ही राज्य की भवना का प्रतीक गैरसैंण में त्रिवेन्द्र सरकार का पहला विधानसभा सत्र होने जा रहा है। ऐसे जनता की भी नजर गैरसैंण में सरकार पर रहेगी कि गैरसैण को लेकर त्रिवेन्द्र सरकार का क्या रूख होता है ?