इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए मिट जाएगा औट बाजार का नामोनिशां

कुल्लू-मंडी-लाहुल-शिमला के केंद्र बिंदु का अस्तितव मिटने की कगार पर
-चाय-पकौड़े व ड्राई फ्रूट के लिए भी है प्रसिद्ध केशव माधव मार्केट
-फोरलेन की जद में औट बाजार, दुकानों को दिया अवैध करार
-आखिर अधिकारी और मंत्री के उद्घाटन की गई दुकानें कैसे हो गई अवैध
-औट बाजार के 200 कारोबारियों की दास्तां, सालों से जिला प्रशासन को दे रहे हैं दुकानों का किराया
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू, 13 दिसंबर। फोरलेन की जद में आ रहे औट बाजार का इतिहास के पन्नों में नामोनिशां मिटने वाला है जिसको लेकर यहां के बाशिंदे जहां हैरान व परेशान हैं वहीं, अब इस बाजार को एनएचएआई द्वारा अवैध करार दिए जाने पर लोग भडक़ उठे हैं। औट बाजार में दुकानों को अवैध घोषित कर उन पर 22 दिसंबर को बुलडोजर चलाया जाना है। कुल्लू-मंडी-लाहुल-स्पीति व शिमला का केंद्र बिंदु औट बाजार का अस्तितव अब हमेशा के लिए विश्व के मानचित्र पर मिटने वाला है। चाय-पकौड़े व ड्राई फ्रूट के लिए मशहूर केशव माधव मार्केट अब इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी। इस कस्बे में 200 दुकानदार व 1800 के करीब प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लोग प्रभावित हो रहे हैं। 
औट बाजार में बनी दुकानों का 25 वर्षों से का किराया दे रहे लोगों का कहना है कि जिस मार्केट या काप्लेक्स का उद्घाटन विधानसभा अध्यक्ष और उपायुक्त ने किया वो मार्केट आज अवैध कैसे हो गई। यही सवाल उठा रहे हैं औट बाजार के 32 दुकानदार जिन्हें अब चिंता सता रही है अपनी रोजी-रोटी और अपने परिवार की। गौर रहे कि मनाली-नागचला फोरलेन में सबसे ज्यादा औट कस्बा प्रभावित हो रहा है। औट में लगभग 200 दुकानदार तथा 1800 लोग प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष तौर पर फोरलेन से विस्थापित एवं प्रभावित हो रहे हैं। औट की केशव माधव मार्किट ड्राई फ्रूट के लिए प्रसिद्ध है। यह मार्किट 1991 में जिला बचत समिति द्वारा बनाई गई और 1992 में ये दुकाने आजीविका के लिए प्रदान की गई थी। लगभग 25 वर्षो तक जिला प्रशासन दुकानदारों से इसका किराया वसूलता रहा और आज अचानक इन दुकानों को अवैध करार दिया जाता है तथा इन्हें खाली करने के फरमान जारी किए गए। स्थानीय लोगों ने एनएचएआई से मांग की है कि भू अधिग्रहण कानून 2013 के तहत विस्थापितों और प्रभावितों को सभी अधिकार प्रदान किए जाए। वहीं, 22 दिसंबर को इस बाजार पर बुलडोजर चलाया जाना है लेकिन औट बाजार के कारोबारियों ने यह मांग की है कि जब तक टनल का कार्य 60 प्रतिशत पूरा नहीं होता तब तक बाजार को उजाड़ा न जाए और विस्थापित दुकानदारों को नई मार्केट बनाकर बसाया जाए। वहीं , इस बारे में स्थानीय कारोबारी भूषण वर्मा, गुलाब महंत और खुशीराम का कहना है कि वे फोरलेन बनाने के विरोध में नहीं हैं। उनका कहना है कि फोरलेन के बनने से औट बाजार के जितने कारोबारी बेरोजगार हो रहे हैं, उनके लिए कोई कॉप्लेक्स या मार्केट बनाकर यहां के कारोबारियों के प्राथमिकता के आधार पर दुकानें दी जाएं, ताकि वे फिर से अपनी रोजी-रोटी कमा सकें।