Paytm बना नंबर वन UPI प्लेटफॉर्म, 75000 करोड़ रुपये हुआ ट्रांजेक्शन

नई दिल्ली । डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म UPI को कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए पेश किया गया था। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बनाया है। NPCI ने अक्टूबर महीने के आंकड़े साझा किए हैं जिसमें UPI में शानदार बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं, Paytm ने भी UPI से संबंधित अपने आंकड़े पेश किए हैं। इसके मुताबिक, UPI के 37 फीसद मार्केट शेयर के साथ Paytm पहले स्थान पर काबिज है।

अक्टूबर महीने में UPI की ग्रोथ:

इस महीने में UPI की ट्रांजेक्शन्स 482.3 मिलियन हुई हैं जो सितंबर के मुकाबले 19 फीसद ज्यादा है। वहीं, अक्टूबर में UPI के जरिए 74,978.27 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। यह सितंबर के मुकाबले 25 फीसद ज्यादा है। हालांकि, सितंबर और अगस्त की तुलना में ट्रांजेक्शन की संख्या कम हुई है। इसका कारण NPCI द्वारा P2P ट्रांजेक्शन की लिमिट 10 प्रतिदिन करना है। यह लिमिट पहले 20 थी। यह नियम फेक ट्रांजेक्शन को रोकने के लिए लाया गया था।

Paytm है नंबर वन UPI प्लेटफॉर्म:

पिछले 6 महीनों में Paytm ने UPI के जरिए P2P ट्रंजेक्शन में 600 फीसद की बढ़ोतरी की है। अक्टूबर के महीने में कंपनी ने UPI के जरिए 179 मिलियन ट्रांजेक्शन दर्ज की हैं। ऐसे में 37 फीसद UPI ट्रांजेक्शन Paytm से की जा रही हैं। UPI के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट दीपक एबोट का कहना हैं कि Paytm भीम यूपीआई का व्यापक रूप से इस्तेमाल करना ना उत्साहजनक है। इसका इस्तेमाल विभिन्न सेवाओं के लिए किया जाता है। इसके जरिए मोबाइल रिचार्ज, बिजली और पानी बिल का भुगतान, मेट्रो रिचार्ज और ऑफ लाइन स्टोर्स पर खरीदारी की जा सकती है।

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