अयोध्या में किसी भी कीमत पर बनकर रहेगा राम मंदिर: सुब्रमण्यन स्वामी
वाराणसी : बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉक्टर सुब्रमण्यन स्वामी ने महामना की तपोस्थली काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों के बीच शनिवार को ऐलान किया कि अयोध्या में किसी भी कीमत पर राम मंदिर बनकर रहेगा। राममंदिर के निर्माण को राष्ट्र की अस्मिता की पहचान के साथ राष्ट्रीय पुनरुत्थान का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि आस्था के विषय पर कोर्ट कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकती है। अयोध्या में खुदाई के दौरान मंदिर होने के वैज्ञानिक सबूत मिल चुके हैं, उस जगह पर मंदिर था और यह कोर्ट भी स्वीकार कर चुका है।
स्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के वकील इस मसले पर जल्द फैसला न आए, इसके लिए 5 जजों की बेंच के फैसले को 7 जजों की बेंच के हवाले करने की सिफारिश करके इसमें पांच माह का विलंब कर दिया। स्वतंत्रता भवन में लगातार गूंज रहे ‘अयोध्या तो झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’ के नारे के बीच स्वामी ने कहा कि मुस्लिम शासकों ने हिंदुस्तान में 40 हजार मंदिर तोड़े थे। देश के सहिष्णु हिंदू सिर्फ अयोध्या, काशी, मथुरा मांग रहे हैं, जिसके साक्षात प्रमाण मौजूद हैं कि किस प्रकार उसको तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया गया। मुस्लिम समाज अयोध्या, काशी और मथुरा हिंदुओं को सौंप दें, यह बेहतर होगा।
पीएम नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए स्वामी ने कहा कि राष्ट्र के अस्मिता को दुनिया में बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय पुनरुत्थान का काम देश में पहली बार प्रारंभ हुआ। देश में गुलामी की एक-एक निशानी मिटानी है। उन्होंने कहा कि आज देश एक ऐसे मोड़ पर आ गया है, जहां से राष्ट्रीय अस्मिता को बढ़ाने के लिए हर हिंदू को आगे आना होगा।
बीजेपी नेता ने कहा, ‘भगवान राम को इमाम-ए-हिंद मानने वाले शिया समुदाय के साथ मुस्लिम बहनें भी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण जल्द से जल्द चाहती हैं। भगवान राम के काम में रोड़ा बनने वालों को समझाने का काम खुद राम ही करते हैं।’ रामसेतु को तोड़ने के करुणानिधि के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की याचिका दायर करने का जिक्र करते हुए स्वामी ने कहा कि जो भी इस काम में रोड़ा बना सबका क्या हश्र हुआ, बताने की आवश्यकता नहीं है, सबको मालूम है। इसी तरह अब भगवान राम का अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण का समय नजदीक आ रहा है। भगवान राम के मंदिर निर्माण को दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती है।
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के टाइटल सूट को लेकर सुनवाई भले ही टल गई है लेकिन बाबा साहेब डॉक्टर भीमराम अंबेडकर के संविधान ने धारा 25 के तहत पूजा करने का मूलभूत अधिकार दिया है। अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि पर इस अधिकार के लिए सुप्रीम कोर्ट में मैंने एक याचिका दायर की है, इसकी सुनवाई होते ही 10 दिन के अंदर इस मसले पर फैसला आ जाएगा। बीएचयू के छात्रों को स्वामी ने विश्वास दिलाया अगली बार जब वह बीएचयू आएंगे तो राम मंदिर का निर्माण प्रारंभ हो चुका होगा।
वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष रहे अशोक सिंघल की पुण्यतिथि पर बीएचयू में पहली बार आयोजित ‘राम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण की संभावनाएं और संशय’ विषय पर आयोजित व्याख्यान में वीएचपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि राष्ट्र के सम्मान के लिए राम मंदिर का निर्माण अब बहुत जरूरी है। राम मंदिर के लिए संघर्ष का बहुत लंबा इतिहास है। देश में जब चंद्रशेखर की सरकार थी तो अयोध्या को लेकर हिंदू-मुस्लिम इस मसले को लेकर समझौते के करीब पहुंच गए थे तो राजीव गांधी ने समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी। देश के साथ तीन प्रदेश की सरकारें भी इस आंदोलन के कारण जा चुकी हैं।