1 नवम्बर से उग्र आंदोलन करेगी संघर्ष समिति

देहरादून। संघर्ष समिति व 16 ग्रामप्रधनों व समस्त जनप्रतिनिधियों व व्यापार मण्डल काण्डाखाल समस्त अभिभावकों द्वारा इण्टरमीडिएट काण्डाखाल बचाओ संघर्ष समिति ने विद्यालय की बदहाल शिाक्षा व्यवस्था के अस्थाई निदान हेतु प्रान्तीयकरण की एकसुत्रीय मांग को लेकर  29 दिसम्बर 2016 तक जनान्दोलन चलाया था।  मुख्यमंत्री ने को अपर मुख्य सचिव शिक्षा विद्यालयी शिक्षा को दिये गये टीपादेश प्रान्तीयकरण किया जाये और तदोपरान्त 28 दिसम्बर 2016 को डाडामण्डी की जनसभा में प्रान्तीयकरण की घोषणा के आलोक में समिति ने आन्दोलन को इस आशय से स्थगित कर दिया था कि विद्यालय का शीघ्र प्रान्तीयकरण किया जायेगा और विद्यालय की शिक्षा पटरी पर आ जायेगी। बड़े खेद की बात है कि चुनाव के समय भा0ज0पा0 ने भी क्षेत्रीय जनता को सत्ता में आते ही प्रान्तीयकरण का पूरा भरोसा दिलाया था। गरीब जनता की इससे बड़ी उपेक्षा सरकार क्या कर सकती है। संघर्ष समिति निरन्तर सरकार से प्रान्तीयकरण की गुहार लगा रही है लेकिन सत्ता के मद में डूबी हुई सरकार को जनता की सुध लेने की कोई आवश्यकता अनुभव नही हो है। संघर्ष समिति अब हताश, निराश होकर अपनी स्थगित आन्दोलन को उग्र रूप से पुन: प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। 01 नवम्बर   से उग्र आन्दोलन शुरू किया जायेगा जिसका उत्तरदायित्व पूर्ण रूप से सरकार के उपेक्षापूर्ण रवैये पर है। संघर्ष समिति के संयोजक पूर्व सैनिक समाजसेवी सत्यप्रसाद कण्डवाल ने कहा कि प्रान्तीयकरण के सन्दर्भ में सतपाल महाराज, हरक सिंह रावत और उच्च शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत ने तुरन्त प्रान्तीयकरण का आश्वासन दिया लेकिन अभी तक खाली नेताओं द्वारा आश्वासन ही दिया जा रहा है जबकि इलैक्टानिक मीडिया, ईटीवी व एचएनएन द्वारा विद्यालय की समस्त समस्याओं को प्रमुखता से प्रसारित किया जा चुका है लेकिन शासन-प्रशाासन के कान पर जुॅं तक नही रेंगी है। अब क्षेत्रीय जनता आर पार की लड़ाई के मुढ़ में है। स्मस्त प्रधानों व अभिभावकों द्वारा कांग्रेस व भाजपा को धोखेबाज करार दिया है।

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