सत्यमित्रानंद ने स्थगित किया अनशन, राम मंदिर निर्माण पर सरकार को दिया अल्टीमेटम

हरिद्वार। भारत माता मंदिर के संस्थापक और पूर्व शंकराचार्य पद्मभूषण सत्यमित्रानंद गिरि (86) ने अखिल भारतीय संत समिति के आग्रह पर 6 दिसंबर को हरकी पैड़ी पर घोषित अपने अनशन को स्थगित कर दिया है। मंगलवार को सत्यमित्रानंद ने पत्रकारों से कहा कि पूरा देश चाहता है कि श्रीराम मंदिर का निर्माण जल्द हो। देश के करोड़ों लोगों की आस्था का सम्मान करते हुए नरेंद्र मोदी को अपनी पूरी शक्ति का प्रयोग श्रीराम मंदिर निर्माण में लगा देना चाहिए। उन्हें आदर्श शासक की भूमिका अदा करनी चाहिए।
बीते 5 नवंबर को स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने श्रीराम मंदिर निर्माण को लेकर हरकी पैड़ी पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने की घोषणा की थी। अखिल भारतीय संत समिति, विश्व हिन्दू परिषद एवं आध्यात्म जगत के शीर्ष महापुरुषों ने सत्यमित्रानन्द गिरि से अनशन न करने का आग्रह किया था। अखिल भारतीय संत समिति की ओर से जगद्गुरु रामानन्दाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य, बाबा हठयोगी दिगम्बर, महामंडलेश्वरों में प्रेमानन्द, कैलाशानंद ब्रह्मचारी, विवेकानंद, महंत विष्णु दास, महंत नारायण दास, महंत दुर्गादास ने व्यक्तिगत रूप से सत्यमित्रानंद गिरि से मिलकर अनशन की घोषणा वापस लेने की अपील की थी। हाल ही में विश्व हिन्दू परिषद के एक कार्यक्रम में मिलिंद परांडे समेत धार्मिक संस्थाओं के अध्यक्षों ने व्यक्तिगत रूप से उनसे मुलाकात की थी।
जगद्गुरु रामानन्दाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य का कहना है स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि अध्यात्म जगत के शीर्ष महापुरुष हैं। जिनकी अगुवाई में संत समाज एकजुट होकर धर्म की रक्षा, मानवमात्र की सेवा और परमार्थ के कार्यों में संलग्न हैं। श्रीराम जन्म भूमि पर मंदिर का निर्माण शीघ्र होगा। अन्य संतों के होते हुए भारत के गौरव स्वामी सत्यमित्रानन्द गिरि को अनशन पर बैठने की आवश्यकता नहीं है। इससे पूर्व तुलसी मानस मंदिर के अध्यक्ष महामंडलेश्वर अर्जुनपुरी, स्वामी हरिबल्लभदास शास्त्री सहित विभिन्न धर्माचार्यों ने स्वामी सत्यमत्रिानन्द गिरि के घोषित आन्दोलन को अपना समर्थन प्रदान किया था।
राम मंदिर निर्माण की तिथि सुनिश्चित करे सरकार
कनखल स्थित रामेश्वर आश्रम के अध्यक्ष महामंडलेश्वर रामेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि प्रभु श्रीराम जन-जन के आराध्य तथा करोड़ों हिंदुओं की आस्था के प्रतीक हैं। केंद्र और राज्य सरकार हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि सुनिश्चित करे। मीडिया को जारी बयान में कहा कि मंदिर को लेकर केवल राजनीतिक बयानबाजी न की जाए। समय रहते सरकार ने मंदिर निर्माण का मार्ग सुनिश्चित नहीं किया तो संत समाज स्वयं मंदिर निर्माण के संबंध में निर्णय करेगा।