नगरपालिका की बांट जोह रहा शहीद-स्मारक, विजय दिवस मनाने पर संसय
चम्पावत। वतन के लिए कुर्बान होने वाले सैनिकों की याद में मनाए जाने वाले विजय दिवस के लिए शहीद स्मारक दो साल से उपेक्षित है। खास बात यह है कि विजय दिवस पर यहां कार्यक्रम होना है मगर अब तक इसकी कवायद अधूरी है। अब ऐसे में अधिकारी भी पालिका की बांट जोह रहे हैं।
सैनिक कल्याण पुनर्वास केंद्र में शहीद स्मारक की स्थापना कराने की कवायद शुरु की गई थी। इसमे कुछ दिन काम चला। स्मारक की काया तो बना दी गई, लेकिन उसका काम अब तक अधूरा पड़ा है। शहीद स्मारक बनाने का काम केंद्र ने नगर पालिका को दिया था। इसका ठेका होने के बाद जिला योजना से दो साल पहले ढाई लाख नगर पालिका को दिए गए थे, लेकिन धीरे-धीरे समय बीतता गया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। आज तक केंद्र में उस स्मारक का सिर्फ ढांचा ही खड़ा है मगर उसको रुप देने के लिए आज तक हाथ नहीं उठ सके। अब ऐसे में अधिकारी भी 16 दिसंबर को होने वाले विजय दिवस के लिए तैयारियां कर रहे हैं मगर स्मारक पूर्ण न होने की वजह से विजय दिवस मनाने के लिए विचार करने में लगे हैं।
नगर पालिका को मिले ढाई लाख में सिर्फ इसकी कवायद शुरु करने की बात अधिकारी कर रहे हैं। जबकि अभी सिर्फ उस पर ईट और पेंट लगाकर पुताई हो सकी है।
सहायक अधिकारी डीएस गोंसाई ने बताया कि धन के लिए सरकार ने चार लाख की घोषणा की थी, लेकिन अब तक सरकार की ओर से पैसा नहीं आ सका है।
जिला योजना से ढाई लाख रुपये मिले थे। जिससे स्मारक कवायद हो सकी है। नए बोर्ड में यह शहीद स्मारक तैयार हो जाएगा। – अभिनव कुमार, अधिशासी अभियंता, नगर पालिका