राज्य आंदोलनकारियों ने किया सचिवालय कूच

देहरादून। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मंच ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया, पुलिस ने आंदोलनकारियों के जुलूस को सचिवालय से पहले ही बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी नोक-झोंक हुई, बाद में राज्य आंदोलनकारी वहीं धरने पर बैठ गये।
मंच से जुड़े आंदोलनकारी कचहरी स्थित शहीद स्थल में अध्यक्ष नंदाबल्लभ पांडेय के नेतृत्व में इकट्ठा हुए और वहां से सचिवालय के लिए कूच किया। आंदोलनकारियों के जुलूस को पुलिस ने सुभाष रोड पर सचिवालय से पहले बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने पर आंदोलनकारी भडक़ गये और उनकी पुलिस के साथ तीखी नोंकझोंक हुई। बाद में सभी वहीं बैरीकैडिंग पर ही धरने पर बैठ गये। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंदोलनकारियों के हितों के प्रति सरकार गंभीर नहीं दिखाई दे रही है जिसके लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि समूचे उत्तराखंड को आरक्षित किया जाये और मुजफ्फरनगर व रामपुर तिराहे कांड के दोषियों को फांसी की सजा दी जाए। आज आंदोलन को 140 दिन हो गये है लेकिन किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही मांगों पर नहीं हो पा रही है। प्रदर्शन करने वालों में विनोद असवाल, प्रेम सिंह नेगी, विश्म्बरी रावत, पुष्पा रावत, हिमानंद बहुखंडी, सुनील जुयाल, सत्येन्द्र नौगांई, वीर सिंह, एम एस रावत, जानकी भंडारी, मनोहरी रावत, प्रभा वोरा, कमला थापा, फूला रावत, संध्या रावत, रेखा पंवार, विमला रावत, जगदम्बा नैथानी, विमला पंवार, विरेन्द्र कुकशाल, पुष्पा राणा, सुधा रावत आदि शामिल रहे।