संतुलित है टीम इंडिया और प्रयोग नहीं : भरत अरुण

हैदराबाद : वेस्ट इंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट में पारी और 272 रनों से जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया की निगाहें शुक्रवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में जीत हासिल करने की होगी। पहले टेस्ट में मेहमान टीम बमुश्किल तीन सेशन ही बल्लेबाजी कर पाई। टीम इंडिया के बोलिंग कोच भरत अरुण ने कहा कि वह दूसरे टेस्ट में भी कोई कोताही नहीं बरतेंगे। अरुण ने कहा, ‘प्रयोग का सवाल ही नहीं उठता। हम स्थिति को मजबूत करने का प्रयास करेंगे। हम अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ उतरेंगे। हम जानते हैं कि पहला टेस्ट मैच हारने के बाद विंडीज टीम दूसरे मैच में कड़ी चुनौती देगी लेकिन हमारी योजनाएं भी तैयार हैं।

राजकोट में जहां अधिकतर भारतीयों ने रन बनाए केएल राहुल इस मौके का फायदा उठाने में असफल रहे। पृथ्वी शॉ ने अपने पहले ही टेस्ट में सेंचुरी लगाई और कप्तान विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर की 24वीं सेंचुरी लगाई। रविंद्र जडेजा ने भी अपने करियर की पहली टेस्ट सेंचुरी लगाई। लेकिन अरुण ने कर्नाटक के इस सलामी बल्लेबाज का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘रवि शास्त्री और संजय बांगड़ ने राजकोट टेस्ट के बाद राहुल से काफी बात की है। उन्होंने कहा जहां तक एक कोच के नाते मेरा सवाल है राहुल एक शानदार खिलाड़ी हैं। उनमें काफी क्षमताए हैं और मैं उनके साथ ही खेलना चाहूंगा।
अरुण ने तेज गेंदबाज उमेश यादव पर उठ रहीं आशंकाओं को भी समाप्त किया। यादव टीम से अंदर-बाहर होते रहे हैं लेकिन अरुण ने जोर देकर कहा कि वह पूरी तरह से सिस्टम का हिस्सा हैं। वह रोटेशन पॉलिसी के चलते टीम में नहीं हैं ताकि तेज गेंदबाजों को फ्रेश रखा जा सके।
‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यादव को साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिला। इसका कारण यही है कि जिन गेंदबाजों को इन दौरों पर आजमाया गया उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। हम उमेश को ऐसे गेंदबाज के रूप में देखते हैं जो तेज है और इसके साथ ही हमारे पास ऐसा सिस्टम है जहां हम गेंदबाजों को बदलते रहते हैं ताकि वे तरोताजा रह सकें। उमेश इस सिस्टम का हिस्सा हैं। हमें उमेश की क्षमताओं पर पूरा भरोसा है।’

भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर काफी ध्यान दिया जा रहा है। इस पर अरुण ने कहा कि हर मैच किसी खिलाड़ी की क्षमता को परखने का एक अवसर है। उन्होंने कहा, ‘हर टेस्ट मैच में हम उन खिलाड़ियों को आजमाते हैं जिन्हें हम इस्तेमाल कर सकते हैं। पिछले मैच से पृथ्वी शॉ एक उदाहरण हैं। उन्होंने शानदार खेल दिखाया। उन्होंने जो रन बनाए उससे ज्यादा अपने टेस्ट मैच में उन्होंने जो संयम और बॉडी लैग्वेंज दिखाया वह शानदार था। हम इन चीजों का ध्यान रखते हैं और भविष्य की योजनाओं का निर्माण करते हैं। दो अन्य खिलाड़ी भी अभी मौके का इंतजार कर रहे हैं। एक मयंक अग्रवाल और हैदराबाद के स्थानीय खिलाड़ी मोहम्मद सिराज। सिराज के करियर को आगे बढ़ाने में सिराज का अहम रोल है। अरुण जब हैदराबाद के कोच थे तभी सिराज ने घरेलू क्रिकेट में अपना मुकाम बनाया था। अरुण ने कहा, ‘सिराज बहुत जल्दी-जल्दी सीखता है।

‘जब मैं हैदराबाद का कोच था तब उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया क्योंकि वह बहुत जल्दी-जल्दी सीखता है। मुझे लगता है कि बीते वर्षों में हासिल किए गए अनुभवों के आधार पर वह पहले से बेहतर गेंदबाज हुए हैं। भारत ‘ए’ के साथ उनका हालिया प्रदर्शन इसकी तस्दीक करता है।’

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