अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का आधार है गाय…राहुल सोलंकी

-कहा: गोरक्षा गोसेवा का अभिन्न अंग
कमलेश वर्मा (परी), कुल्लू,28 नवबंर।आज वैज्ञानिक आधार पर यह सिद्ध हो चुका है कि भारतीय गोवंश के गोमूत्र और गोबर में औषधीय गुण हैं जो मानव के स्वास्थ्य में सहायक होने के साथ-साथ कृृषि के लिए हानिकारक कीटाणुओं को नियंत्रित करने की भी क्षमता रखते हैं। गोमूत्र और गोबर पर्यावरण का संरक्षण करने व प्रदूषण नष्ट करने में भी सहायक है। अतः भारत के समग्र विकास और देश में श्वेतक्रांति लाने के लिए भारतीय नस्ल के गोवंश का संरक्षण और संवर्धन अत्यन्त आवश्यक है। यह बात जारी एक प्रेस बयान में विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश नेता राहुल सोलंकी ने कही। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज एवं संतों की सदैव माँग रही है कि सम्पूर्ण भारत में गोवंश हत्या पूर्णतः प्रतिबन्धित हो। भारत का संविधान व न्यायपालिका गौहत्या को निषेध करने वाले कड़े कानून के सदैव पक्ष में रही है। अधिकांश राज्यों में गोवंश हत्या पर पहले से प्रतिबन्ध है, पर पूरे देश में कानून की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गोरक्षा, गोसेवा का अभिन्न अंग है राहुल सोलंकी ने कहा कि भारतीय नस्ल के गोवंश पर समग्र वैज्ञानिकों द्वारा शोध किया जाना चाहिए जिनमें नस्ल सुधार, दुग्धवृृद्धि, पंचगव्य का औषधीय प्रयोग आदि से समाज को अवगत कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान गाय से है, गाय समरसता की देवी है। अर्थव्यवस्था और पर्यावरण का आधार भी गाय ही है। घर-घर गाय, ग्राम-ग्राम गौशाला-यही है भारत की निरोगशाला। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के देशों में घोड़ों की हत्या पर, मुस्लिम देशों पर सुअर की हत्या पर प्रतिबंध है तो भारत में गौहत्या पर प्रतिबंध क्यों नहीं? भारत से किसी भी प्रकार गौमांस निर्यात बंद होना चाहिए। इसके लिए केन्द्रीय कानून बनया जाना चाहिए और गौहत्यारों को फांसी की सजा का प्रावधान भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद भी समय-समय पर इसके लिए आवाज़ उठाती रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक कानून इस देश में लागू होना चाहिए। जनसंख्या असंतुलन भी देश की समस्या है। राष्ट्र सुरक्षित है तो देवस्थान भी सुरक्षित रहेंगे। वह समय आ गया है जब भारत विश्व का मार्गदर्शन करे और आतंक तथा भोगवाद से त्रस्त विश्व को शांति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद गौहत्या, लव जिहाद, धर्मांतरण, आतंकवाद व बहनों-बेटियों के अपमान के विरुद्ध अपना संघर्ष जारी रखेगा।