लक्ष्मी का स्वरुप है गोमती चक्र, दीवाली में होती है इनकी विशेष पूजा

हांलाक‍ि गोमती चक्र कोई बहुमूल्‍य पत्‍थर नहीं है। माना जाता है कि गोमती नदी के तल मे पाये जाने के कारण इसका नाम गोमती चक्र पड़ा है। सामान्‍य रूप से इसका प्रयोग विभिन्न तांत्रिक कार्यों तथा असाध्य रोगों में होता है। गोमती चक्र एक विशेष प्रकार का पत्थर है, जिसके एक तरफ चक्र की तरह आकृति बनी होती है। दीवाली, पर गोमती चक्रों की विशेष पूजा की जाती है। होली और नवरात्र जैसे अन्य मुहूर्तों पर भी इनकी पूजा लाभदायक मानी जाती है। कहते हैं क‍ि सर्वसिद्धि योग तथा रावेपुष्य योग आदि के समय पर इनकी पूजा करने पर ये बहुत फलदायक सिद्ध होते हैं।

गोमती चक्र से होने वाले लाभ

मान्‍यता है क‍ि असाध्य रोगों को दूर करने तथा मानसिक शान्ति प्राप्त करने के लिये ये पत्‍थर अत्‍यंत उपयोगी होते हैं। कहते हैं क‍ि 10 गोमती चक्र रात भर पानी में भिगो कर सुबह उस पानी को पीने से पेट संबंधी विभिन्न रोग दूर होते है। इसी तरह धन लाभ के लिऐ 11 गोमती चक्र अपने पूजा स्थान मे रखें और उसके सामने ॐ श्री नमः का जाप करें। इससे काम करने में मन लगेगा और सफलता प्राप्त होगी। गोमती चक्रों को चांदी अथवा किसी अन्य धातु की डिब्बी में सिंदूर और अक्षत डालकर रखने से शीघ्र फल प्राप्‍त होता है।

दीपावली पर गोमती चक्र की पूजा होती है विशेष

दिवाली पर गोमती चक्र की विशेष पूजा होती है। गोमती चक्र लक्ष्मी का स्वरुप है। इस दिन इनकी पूजा करने से व्‍यवसायियों को विशेष लाभ प्राप्‍त होता है। अगर धन की कमी है तो भी दिवाली के दिन गोमती चक्र के पूजन में प्रयोग से फायदा होता है। पूजा के लिए सफेद रंग के दो गोमती चक्र ले आयें और इन्‍हें मुख्य दीपक के तेल में डाल दें। अब मां लक्ष्मी से अखंड धन की प्रार्थना करें। दीपावली के अगले दिन सुबह गोमती चक्र को धन स्थान पर रख दें। ज्योतिषियों का मानना है कि दिवाली के दिन ये उपाय करने से लक्ष्मी जी की कृपा अवश्य मिलती है

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