SPG पर राहुल गांधी की टिप्पणी को गृहमंत्रालय ने किया खारिज, कहा- बेबुनियाद

नई दिल्ली । एसपीजी अधिकारियों की भर्ती को लेकर दिए गए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बयान का गृह मंत्रालय ने खंडन किया है। गृह मंत्रालय ने राहुल के बयान को निराधार और उनके दावे को तथ्यहीन बताया है। दरअसल, राहुल गांधी ने यह दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नियुक्त SPG के प्रमुख को अपना पद छोड़ना पड़ा था, क्योंकि उन्होंने आरएसएस द्वारा अधिकारियों की सूची स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

राहुल के आरोप निराधार

गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है, ‘राहुल गांधी की टिप्पणी आधारहीन और दुर्भाग्यपूर्ण है।’मंत्रालय ने कहा है कि इस मामले की पूरी छानबीन के बाद सवालों के घेरे में आए SPG के पूर्व निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने इस बात से इनकार किया है कि राहुल गांधी से SPG छोड़ने के मसले पर उनकी कभी भी कोई बात हुई थी। मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ‘अधिकारी ने कहा है कि अपने पेशे के कर्तव्य के तहत एसपीजी संरक्षकों के साथ बातचीत की। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि राहुल गांधी के साथ उनकी बातचीत के दौरान नए निदेशक की नियुक्ति या एसपीजी छोड़ने के कारणों के बारे में कोई बात नहीं थी। बता दें कि एसपीजी की सुरक्षा सबसे तगड़ी सुरक्षा मानी जाती है। जो कि प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवारों की दी जाती है। मंत्रालय ने कहा, ये सुरक्षा राहुल गांधी, उनकी मां सोनिया गांधी व उनकी बहन प्रियंका गांधी को भी मिली हुई है।

राहुल ने क्या कहा था

शनिवार को यहां शिक्षाविदों के साथ बातचीत में राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा शिक्षा संस्थान, सुप्रीम कोर्ट और भारत के निर्वाचन आयोग और अन्य पर कब्जा किया जा रहा है। एक उदाहरण का हवाला देते हुए, कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया था, ‘जब नरेंद्र मोदी सत्ता में आए, तो गुजरात के एक व्यक्ति को एसपीजी का नेतृत्व करने के लिए चुना गया। थोड़े समय में, उन्होंने पद छोड़ दिया। उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने आरएसएस द्वारा चुने गए एसपीजी अधिकारियों की एक सूची स्वीकारने से इनकार कर दिया और यही कारण है कि उन्हें घर भेजा दिया गया।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *