बर्फ में फंसे लोगों ने ली राहत की सांस, बीआरओ के जवानों की मेहनत लाई रंग

माईनस डिग्री तापमान में चार फुट बर्फ की तह को काटकर बनाया रास्ता
150 वाहनों ने पार किया रोहतांग दर्रा, पहुंचे मनाली
कमलेश वर्मा (परी),कुल्लू, 24 नवबंर। बर्फ के रेगिस्तान जनजातीय ज़िला लाहुल स्पीति में फंसे लोगों ने आखिर वीरवार को राहत की सांस ली है। बर्फवारी में फंसे लाहुल-स्पीति (कोकसर) से 150 वाहन रोहतांग दर्रा पार करते हुए मनाली पहुंचे हैं। मनाली पहुंचे इन सभी लोगों ने राहत की सांस ली।वहीं, लाहुल-स्पीति और कुल्लू को जोड़ने वाले रोहतांग दर्रे को खोलने और लोगों को सुरक्षित मनाली पहुंचाने में बीआरओ के जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। वीरवार को सुबह करीब 11 बजे कोकसर में फंसे वाहनों के एक जत्थे को मढ़ी की ओर बचाव दल के साथ रवाना किया गया। वहीं, मनाली की ओर से भी बचाव दल की एक टीम रोहतांग पहुंची ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो। बीआरओ के जवानों ने लाहुल में फंसे लोगों को राहत देने के लिए दर्रे की सड़क को एक साइड से ही बहाल किया और एक समय पर एक ही साइड से वाहनों ने सड़क पार की। हालांकि सुबह से ही लाहुल व मनाली घाटी में बादल छा गए, जिससे कुल्लू व मनाली में फंसे सैकड़ों लोग चिंतित रहे लेकिन पहले दिन बर्फ में फंसे वाहन व लोगों ने रोहतांग दर्रा पार कर ही लिया । वहीं, कुल्लू-मनाली के लोगों को कल लाहुल भेजा जाएगा। उधर, लाहुल स्पीति के उपायुक्त देवा सिंह नेगी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन सतर्क है और लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है। उन्होंने बताया कि वाहनों को कोकसर से मनाली भेज दिया है, जिससे घाटी में फंसे लोगों को राहत मिल गई है।
माईनस डिग्री तापमान में डटे रहे जवान, रोहतांग दर्रा किया बहाल अवस्थी
कहा विशेष परिस्थितियों में ही पार करें रोहतांग दर्रा
बीआरओ के जवानों ने माईनस तापमान में 12 घण्टे काम कर रोहतांग दर्रे को बहाल किया है जिसके लिए बीआरओ की पूरी टीम बधाई के पात्र है। लाहुल में फंसे लोगों को घाटी से बाहर निकलने के लिए ही बीआरओ ने दर्रे को बहाल किया है। यह बात सीमा सड़क निर्माण संगठन 38 के कमांडर कर्नल एके अवस्थी यहाँ मनाली में एक पत्रकार वार्ता में कही।उन्होंने कहा कि कल भी वाहनों की आवाजाही को रोहतांग खुला रहेगा। कर्नल ने स्पष्ट किया कि अब बर्फ पड़ने की सूरत में बीआरओ रोहतांग दर्रे को बहाल नही करेगा। उन्होंने कहा कि केवल विशेष परिस्थितियों में ही रोहतांग दर्रे को पार करें क्योंकि अभी भी करीब चार फुट बर्फ की तह सड़क के दोनों ओर जमी हुई है। जमी हुई बर्फ तथा तेज हवाओं के कारण रोहतांग मार्ग काफी जोखिम पूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि रोहतांग के दोनों छोर मढ़ी और कोकसर से गत 20 नवंबर को बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया गया था और बीआरओ के जवानों ने विपरीत मौसम परिस्थितियों के बावजूद रोहतांग मार्ग को यातायात के लिए खोलने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि 23 नवंबर को लाहुल घाटी से और 24 नवंबर को मनाली की ओर से रोहतांग को पार करने की अनुमति दी गई है। यह सुविधा पर्यटकों के लिए नहीं होगी। उन्होंने कहा कि रोहतांग मार्ग को केवल कोकसर में फंसे लोगों और सर्दियों के लिए मनाली से लाहुल की ओर राशन, दवाईयां व अन्य जरूरी सामान ले कर जाने वालों के लिए ही खोला गया है। अवस्थी ने कहा कि भविष्य में बर्फबारी होने पर लाहुल और जिला कुल्लू उपायुक्त के साथ मिलकर रोहतांग मार्ग स्थिति की जांच के बाद ही रोहतांग पार करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष वीआरओ द्वारा मनाली सरचू मार्ग पर 50 किमी सडक पर टायरिंग मैटलिंग की गई और खोकसर में 70 मीटर नए पुल का निर्माण किया गया। इसके साथ ही 30 मीटर मल्टीसैल बाक्स पुलिया बना कर स्थानीय लोगों को समर्पित की गई। उन्होंने कहा कि मढ़ी के ब्यास नाला में नए पुल के निर्माण के साथ ही कोठी दो में 13.65 मीटर, 119 किमी पर कमांडर नाला पुल, 143.61 किमी पर दारचा पुल, 203.75 किमी पर योनाम पुल और 222.39 किमी पर सरचू पुल अगले वर्ष तक यातायात के लिए तैयार हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 38 बीआरटीएफ द्वारा पुलियों, रिटेनिंग वालस, ब्रैस्ट वालस और नालियों पर करीब 30 करोड़ खर्च कर रिकार्ड निर्माण कार्य को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि जंसकर वैली के पदम क्षेत्र को दारचा शिंकुला जोडऩे की दिशा में 10 किमी सिंगल लेन सड़क को डबल लेन नेशनल हाईवे में बनाया जा रहा है। वर्ष 2018 में इस क्षेत्र की 27 किमी सड़क को डवल लेन ब्लैक टाप करने की योजना है। उन्होंने कहा कि संसारी किलार थिरोट तांदी सड़क की वाईडनिंग और सड़क निर्माण कार्य को भी कठिनाईयों के बावजूद अंजाम दिया जा रहा है।
प्रशासन सतर्क है और लोगों की हर संभव सहायता कर रहा है।150 वाहन कोकसर से मनाली पहुंच गए हैं जिससे घाटी में फंसे लोगों को राहत मिल गई है।
बीआरओ के जवानों ने माईनस तापमान में 12 घण्टे काम कर रोहतांग दर्रे को बहाल किया है जिसके लिए बीआरओ की पूरी टीम बधाई के पात्र है। लाहुल में फंसे लोगों को घाटी से बाहर निकलने के लिए ही बीआरओ ने दर्रे को बहाल किया है। कल भी वाहनों की आवाजाही को रोहतांग खुला रहेगा।