स्कूल के गेट पर उतरवाया दो छात्राओं का स्कार्फ़ , पीड़ित परिवार योगी से करेगा शिकायत

बाराबंकी। राजधानी लखनऊ से सटे जिले बाराबंकी में एक मिशनरी स्कूल में छात्राओं को स्कार्फ बांधने से रोकने पर विवाद उस वक़्त बढ़ गया जब मिशनरी स्कूल की छात्राओं से कॉलेज के मुख्य गेट पर ही उनका स्कार्फ़ उतरवा लिया गया जिसको लेकर एक समुदाय के अभिभावकों में विवाद बढ़ गया है।
प्रधानाचार्या ने कहा की वे कॉलेज के नियमों का पालन करा रही हैं।
इससे नाराज अभिभावकों ने शिकायत डीएम से की है। जबकि कॉलेज की प्रधानाचार्या कहना है कि वे कॉलेज के नियमों का पालन करा रही हैं। डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में मुंशीगंज निवासी अयाज हैदर जैदी व मौलाना मोहम्मद रजा रिजवी ने कहा कि उनकी पुत्री लबाबा व सारा आनंद भवन कॉलेज में पढ़ती हैं। धर्म की मान्यता के अनुसार छात्राओं को सिर पर स्कार्फ व रुमाल बांधने के लिए अनुमति पूर्व में मांगी थी क्योंकि बालिका को नौ वर्ष की आयु के बाद सिर पर स्कार्फ व रुमाल पहनने के लिए अनिवार्य होता है।
शुरू में प्रधानाचार्या ने कहा कि बाद में देखेंगे। जब छात्रा अनुपालन करने लगी तो उनके सिर से स्कार्फ जबरन क्लॉस में उतरवा लिया गया। इस कदम से भड़की स्कूल प्रिंसिपल अर्चना थॉमस ने अभिभावक को लिखित आदेश देते हुए कहा कि अगर हमारे नियमों से आपको कोई परेशानी है तो अपनी बच्ची का दाखिला किसी इस्लामिक स्कूल में करवा दें। इतना ही नहीं भविष्य में इस संबंध में कोई पत्राचार न करें।
इस संबंध में कॉलेज की प्रधानाचार्या अर्चना थॉमस का कहना है कि दोनों छात्राओं से स्कार्फ कक्षा में नहीं उतरवाया गया है बल्कि स्कार्फ गेट पर ही उतारकर छात्राएं कक्षा में अध्ययन के लिए आती हैं। उन्होंने स्कूल के नियमों का पालन किया है। अभिभावक जानबूझकर आरोप लगा रहे हैं।
सीएम योगी से करेगा शिकायतपीडि़त परिवार
बाराबंकी के आनन्द भवन मिशनरी स्कूल में मुस्लिम छात्रा को स्कार्फ बांधने से रोकने का मामला धीरे तूल पकड़ता जा रहा है। पीडि़त छात्रा के अभिभावक ने जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पीडि़त छात्रा के पिता मौलाना मोहम्मद रजा रिजवी ने डीएम से मिलकर उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा और सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपना दर्द बयां करने की अनुमति भी मांगी।