इस शुक्रवार फ़िल्मों की बौछार, किसे शह और मात

मुंबई। इस शुक्रवार चार फ़िल्में रिलीज़ हो रही हैं, जिनमें सैफ़ अली ख़ान की बाज़ार, शरमन जोशी की काशी इन सर्च ऑफ़ गंगा, नील नितिन मुकेश की दशहरा और राजकुमार राव की 5 वेडिंग्स शामिल हैं।

सबसे पहले बात सैफ़ अली ख़ान की बाज़ार की। इस फ़िल्म को गौरव चावला ने डायरेक्ट किया है, जबकि निखिल आडवाणी ने इस प्रोड्यूस किया है। भारत में विशुद्ध आर्थिक विषयों पर ज़्यादा फ़िल्में नहीं बनायी गयी हैं। अलबत्ता बिजनेस घरानों और उनके बीच चलने वाली प्रतिद्वंद्विता को कुछ फ़िल्मों की कहानी ज़रूर बनाया गया है। बाज़ार भी ऐसी ही फ़िल्म है, जो स्टॉक मार्केट के एक बड़े खिलाड़ी शकुन कोठारी के बारे में हैं। हालांकि इस लियोनार्दो डी कैपरियो की वुल्फ़ ऑफ़ वॉल स्ट्रीट जैसा समझने की भूल ना करें। अपने इंटरव्यूज़ में ख़ुद सैफ़ भी यह बताते रहे हैं कि बाज़ार भारतीय दर्शकों और जज़्बात को ध्यान में रखकर बनायी गयी फ़िल्म है।

बॉलीवुड में सैफ़ को एक प्रयोगधर्मी एक्टर माना जाता है। बाज़ार भी उसी कड़ी की फ़िल्म है। फ़िल्म के लिए समीक्षकों की पॉजिटिव प्रतिक्रिया सामने आ रही है। हालांकि सैफ़ की फ़िल्मों के पिछले रिकॉर्ड के मद्देनज़र बाज़ार को 2-3 करोड़ की ओपनिंग मिलने की सम्भावना जताई जा रही है। जानकारों का दावा है कि फ़िल्म को माउथ पब्लिसिटी से फ़ायदा मिलेगा। सैफ़ को एक हिट फ़िल्म की काफ़ी ज़रूरत है। उनकी आख़िरी बॉक्स ऑफ़िस सक्सेस रेस2 है, जो 2013 में आयी थी। इसके बाद सैफ़ ने 8 फ़िल्मों में मुख्य भूमिका निभायी और सभी फ्लॉप रहीं। सैफ़ की इस साल यह दूसरी फ़िल्म है। इससे पहले आयी कालाकांडी डार्क कॉमेडी फ़िल्म थी, जो बॉक्स ऑफ़िस पर फ्लॉप रही थी। बाज़ार से वेटरन एक्टर विनोद मेहरा के बेटे रोहन मेहरा बतौर एक्टर बॉलीवुड पारी शुरू कर रहे हैं। चित्रांगदा सिंह और राधिका आप्टे फ़ीमेल लीड रोल में हैं।

कॉप ड्रामा दशहरा से नील नितिन मुकेश पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। फ़िल्म को मनीष वात्सल्य ने डायरेक्ट किया है। यह राउड़ी राठौर जॉनर की फ़िल्म है। हिंदी सिनेमा में नील का करियर पिछले काफ़ी समय से डांवाडोल चल रहा है। ख़ासकर वो फ़िल्में, जिनमें नील ने मुख्य भूमिका निभायी, फ्लॉप रही हैं। ऐसे में दशहरे के लिए दर्शक खींचना एक चुनौती होगी।

शरमन जोशी की काशी- इन सर्च ऑफ़ ड्रामा को डेब्यूटेंट धीरज कुमार ने डायरेक्ट किया है। काशी की कहानी हॉलीवुड में बनने वाली Taken सीरीज़ की फ़िल्मों जैसी लगती है। फ़िल्म में नायक की बहन अचानक ग़ायब हो जाती है, जिसे ढूंढने की कोशिशें और इस दौरान होने वाले रहस्योद्घाटन कथ्य में रोमांच लाते हैं। फ़िल्म में शरमन का किरदार उनके अब तक के निभाये किरदारों से अलग है। शरमन फ़िल्म में एक डोम के रोल में हैं, जो आजीविका के लिए मणिकर्णिका घाट पर शवों को दाह संस्कार करवाने का काम करता है। ‘काशी- इन सर्च ऑफ़ गंगा’ को मनीष किशोर ने लिखा है और वो फ़िल्म के सह-निर्माता भी हैं। मनीष इससे पहले छोटे पर्दे के लिए क्राइम प्रोग्राम बनाते रहे हैं। ऐश्वर्या दीवान इस फ़िल्म से बॉलीवुड में अपना करियर शुरू कर रही हैं।

राजकुमार राव की 5 वेडिंग्स के बारे में कई लोगों को पता भी नहीं होगा। इस क्रॉसओवर फ़िल्म का प्रमोशन भी नहीं किया गया और रिलीज़ की जा रही है। नम्रता सिंह गुजराल निर्देशित फ़िल्म की कहानी एक अमेरिकन जर्नलिस्ट के इर्द-गिर्द घूमती है, जो भारतीय शादियों पर रिपोर्टिंग के लिए यहां आती है। नर्गिस जर्नलिस्ट बनी हैं, जबकि इस दौरान उनकी सुरक्षा में तैनात किये गये पुलिस अफ़सर का रोल राजकुमार राव निभा रहे हैं। वैसे तो राजकुमार इससे पहले 130 करोड़ की फ़िल्म स्त्री दे चुके हैं, मगर प्रमोशन और चर्चा के अभाव में 5 वेडिंग्स प्रभावित हो सकती है। ट्रेड जानकारों का अनुमान है कि इन तीनों ही फ़िल्मों की संयुक्त ओपनिंग 2 करोड़ के आस-पास रह सकती है।

इन सभी फ़िल्मों को आयुष्मान खुराना की बधाई हो से कड़ी टक्कर मिलने की पूरी सम्भावना है, जो अभी भी दर्शकों को खींच रही है। 18 अक्टूबर को रिलीज़ हुई फ़िल्म 7 दिनों में 60 करोड़ से अधिक कलेक्शन कर चुकी है और अभी भी पहली पसंद बनी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *