झूठे शपथ पत्र मामले में त्रिवेन्द्र रावत हो बर्खास्त : नेगी

देहरादून। जनसंघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि सूबे के मुख्यमन्त्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वरा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में नामांकन के समय नामांकन पत्र में अपनी उम्र 54 वर्ष दर्शायी गयी है, जबकि इनकी वास्तविक उम्र 56 वर्ष से अधिक थी। इसके साथ-साथ अपने नामांकन पत्र में बहुचर्चित ढैंचा बीज घोटाले का कहीं भी उल्लेख नहीं किया कि इनके खिलाफ उच्च न्यायालय नैनीताल में जनहित याचिका लम्बित है तथा उक्त मामले में इनके खिलाफ नोटिस जारी किये गये हैं। जनसंघर्ष मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग, भारत सरकार के महानिदेशक दिलीप श्शर्मा से मुलाकात कर त्रिवेन्द्र सिंह रावत के खिलाफ कार्यवाही करने इनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने व इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराकर इनको बर्खास्त करने की मांग की। नेगी ने कहा कि रावत द्वारा वर्ष 2014 के उपचुनाव में भी अपनी उम्र 54 वर्ष घोषित की है तथा इस वर्ष 2017 के चुनाव में भी नामांकन के समय 54 वर्ष घोषित कर अपने फर्जीवाड़े का खुलासा किया है तथा हाल ही में माह अक्टूबर 2017 में इन्होंने अपना जन्मदिन मनाया, जिसमें प्रधानमन्त्री मोदी ने ट्वीट कर इनको बधाई भी दी। वास्तविकता तो यह है कि इनकी जन्मतिथि दिसम्बर 1960 है, जो कि विक्कीपीडिया में उल्लेखित है। इनके द्वारा भिन्न-भिन्न तिथियों में अपना जन्मदिन मनाया जाना, अपने आप में गम्भीर पहलू है। हो सकता है कि रावत किसी आशंका से पीडि़त होकर अलग-अलग तिथियों को अपना जन्मदिन मनाते हों। उन्होंने कहा कि रावत द्वारा ढैंचा बीज घोटाले का अपने नामांकन पत्र में उल्लेख न करना निर्वाचन आयोग को धोखे में रखना है। हैरानी की बात यह है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति जिसको उच्च न्यायालय से ढैंचा बीज घोटाले में नोटिस जारी हुए हों तथा त्रिपाठी जॉंच आयोग में भी उक्त व्यक्ति को भ्रष्टाचार में लिन्त होना पाया हो, बहुत ही बड़ी धोखाधड़ी है।महानिदेशक निर्वाचन आयोग, भारत सरकार दलीप शर्मा द्वारा रावत के खिलाफ कार्यवाही की बात कही गयी है। जनसंघर्ष मोर्चा त्रिवेन्द्र रावत की बर्खास्तगी की लड़ाई लड़ता रहेगा तथा सच जनता के सामने लायेगा। इस दौरान मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, दिलबाग सिंह, ओपीराणा, बागेश पुरोहित आदि थे।