: बाल मजदूरी रोकने के लिए करें औचक निरीक्षण…यूनुस
कहा:उपमंडल स्तर पर गठित की जाएंगी बाल श्रम निगरानी समितियां
-उपायुक्त यूनुस ने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देश
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू,24 नवबंर। कुल्लू जिला में बाल श्रम को रोकने के लिए जिला प्रशासन और जिला स्तरीय कार्य दल समिति द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यह बात उपायुक्त कुल्लू युनूस ने शुक्रवार को बाल मजदूरी पर गठित जिला स्तरीय कार्य दल समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि पर्यटक स्थलों, होटलों, ढाबों, अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों और घरों में बाल मजदूरी के मामले प्रशासन और चाइल्डलाइन संस्था के ध्यान में लाए गए हैं। इस तरह के मामलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। बाल मजदूरी को रोकने के लिए समिति के सदस्य भुंतर, कुल्लू, मनाली और जिला के अन्य भागों में औचक निरीक्षण करेंगे। यदि कोई भी बच्चा किसी के घर, व्यापारिक प्रतिष्ठान और उद्योग में कार्य करता हुआ पाया जाता है तो उस मालिक के खिलाफ बाल श्रम रोधी अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
उपायुक्त ने बताया कि उपमंडल स्तर पर बाल श्रम निगरानी समितियां गठित की जाएंगी, ताकि बाल मजदूरी के खिलाफ उपमंडल स्तर पर भी त्वरित कार्रवाई की जा सके। उपायुक्त ने कुल्लू, मनाली, भुंतर और बंजार के नगर निकायों अधिकारियों व कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य कर रहे युवाओं का रिकार्ड तैयार करने तथा बाल मजदूरी का कोई भी मामला सामने आने पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम जनता से भी बाल मजदूरी को बढ़ावा न देने की अपील की। उपायुक्त ने जिला के चारों उपमंडलाधिकारियों को उपमंडल स्तर पर बाल श्रम रोधी प्रबंधों की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी एक अपराध और सामाजिक बुराई है। इसको समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए। इसके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के नवयुवकों से उन उद्योगों में कार्य नहीं करवाना चािहए, जहां जान का खतरा रहता है। बैठक में सहायक आयुक्त डा. अमित गुलेरिया, एसडीएम सन्नी शर्मा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोहित बंसल, जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा, श्रम अधिकारी सतीश कुमार, बाल कल्याण समिति, चाइल्डलाइन व अन्य संस्थाओं के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।