पर्यटन विभाग की लापरवाही से पर्यटन स्थलों से वंचित हो रहे पर्यटक

बागेश्वर। पर्यटन विभाग की ओर से भराड़ी और अन्य स्थलों पर लगाए गए साइन बोर्डों में क्षेत्र के प्रमुख तीर्थस्थलों सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा का नाम अंकित न होने से क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों ने पर्यटन विभाग से इन तीर्थ स्थलों को शीघ्र साइन बोर्डों में अंकित करवाने की मांग की है।
पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए भराड़ी के साथ ही जिले के कई अन्य स्थलों पर भी साइन बोर्ड लगा रखे हैं। इनमें विभाग ने भराड़ी से उत्तर भाग स्थित विश्व प्रसिद्ध ग्लेशियरों में पिंडारी, कफनी, सुंदरढुंगा, शिखर, भनार और मुनस्यारी की दूरी अंकित की है। जबकि सहस्रधारा, भद्रतुंगा और तप्तकुंड के नाम अंकित नहीं किए हैं। इस कारण यहां पहुंचने वाले देश-विदेशी पर्यटक को धार्मिक पर्यटन स्थलों की जानकारी नहीं मिल पाती है। इसके चलते इन पर्यटक स्थलों से जुड़े लोगों को रोजगार नहीं मिल पाता है और उन्हें परिवार के भरण-पोषण करने में दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि इन तीर्थों के दर्शन के लिए देश के कई हिस्सों से श्रद्धालु जाते हैं। शिव महापुराण के स्कंद पुराण में मुनिश्रेष्ठ वशिष्ठ द्वारा पतितपावनी सरयू को मानसरोवर से लाकर अयोध्या तक ले जाने का वर्णन है। बावजूद इसके साइन बोर्ड में इन तीर्थों के नाम अंकित न होना आश्चर्यजनक है। सरमूल, सौधारा और भद्रतुंग विकास समिति के प्रभारी अध्यक्ष भगवत कोरंगा और सलाहकार दयाल कुमल्टा ने पर्यटन विभाग से बोर्ड में सरमूल, सौधारा और भद्रतुंगा की दूरी भी जल्द अंकित करवाने की मांग की है। इधर जिलाधिकारी रजंना राजगुरु ने कहा कि विभाग को जगह-जगह साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिये गये हैं।