परिवहन विभाग के लेखाकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

देहरादून। सिटी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने परिवहन विभाग महेन्द्र कुमार जयसवाल पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लेखाकार के पद पर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि इनके द्वारा समय-समय पर विभाग में भ्रष्टाचार किया गया लेकिन इनकी ऊंची पहुंच के कारण इनका कोई कुद बिगाड़ नहीं पाया। वह वर्तमान समय में बड़े आराम से नौकरी में विद्यमान है। यह बात उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि इनके भ्रष्टाचार का पहला उदाहरण के तौर पर 27 जनवरी 2013 में हरिद्वार कार्यालय में लाईसेंस में हुई अनियमितताओं में महेन्द्र कुमार जयसवाल शामिल है। जांच का भी अभी तक पता नहीं चला है। वर्ष 2015 में अधिकारियों व कर्मचारियों की लौगिंग से बिना इजाजत 07 लाख रूपए के लगभग कैश कम जताकर व फिर विभागीय अधिकारियों की जांच में महेन्द्र कुमार को दोषी पाया गया। उसकें बावजूद ट्रास्र्पोट कमिश्नर द्वारा महेन्द्र को दो वर्षो तक वार्षिक वेतन वृद्वि रोकते हुए जांच समाप्त कर दी और उन्हें बहाल ही रखा। उन्होंने बताया कि परिवहन आयुक्त कुल्हाल सहस्त्रधारा रोड द्वारा महेन्द्र कुमार की नियुक्ति को आरटीओ कार्यालय में होने की बात कही हैं जबकि परिवहन विभाग मे कार्यरत सम्पूर्ण कर्मचारियों की नियुक्ति की मूल पत्रावली अपर परिवहन आयुक्त कार्यालय में रहती है। उसके बावजूद सूचना को आरटीओ कार्यालय में प्रेषित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने कई आरोप भी लगाए है।