टिकट मांग रहे सांसदों ने क्यों चुनाव लड़ने से किया इनकार
रीवा। मध्यप्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अभी तक कोई लिस्ट जारी नहीं कि है। विंध्य प्रदेश से तीन सांसदों ने विधानसभा चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर की थी। इसके लिए अपने स्तर से तैयारी भी कर ली थी। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि येन वक़्त पर इन सांसदों ने चुनाव लड़ने से कन्नी कांट ली।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होने हैं, जिसकी अधिसूचना 2 नवंबर से लागू होनी है। भाजपा एवं कांग्रेस दोनो पार्टियों ने अभी तक प्रत्याशियों की फाईनल लिस्ट जारी नहीं की है। इस बीच कई प्रत्याशी अपने अपने विधानसभा से टिकट तय होंने का दावा ठोंक रहें हैं। वहीं खबर आई थी कि भाजपा अपने 4 मौजूदा सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाने की तैयारी में है।
इन कयासों को विन्ध्य के दो सांसदों ने विराम दे दिया। बताया जा रहा है कि रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा को सेमरिया विधानसभा का प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय था, जबकि सतना सांसद गणेश सिंह को अमरपाटन से टिकट देने का संगठन विचार कर रही थी। दोनो ही सांसदों ने विधानसभा चुनाव लड़ने से साफ इंकार कर दिया है।
सांसद जनार्दन मिश्रा की टिकट सेमरिया विधानसभा से लगभग फाईनल मानी जा रही थी। अब जबकि सांसद द्वारा चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया गया है, तो संगठन को नए सिरे से टिकट वितरण का समीकरण तैयार करना पड़ रहा है। वहीं सांसद के इंकार करने से सेमरिया में युवा नेता केपी त्रिपाठी एवं संजय द्विवेदी के भी रास्ते साफ हो गए हैं। देखना यह है कि संगठन इन द्वय में से किसी एक को प्रत्याशी बनाती है, या किसी अन्य को।